रविवार, जून 28, 2009

जीवन, एक दिवस की तरह !

आलसाई भोर, ढलती साँझ की तरह


जीवन, एक दिवस की तरह !


जेठ की दोपहरी सा तपता


शीत सा ठिठुरता है जीवन,


पतझङ सा झरता


बरफ सा पिघलता,


कभी धूप, कभी झांव की तरह


जीवन, एक दिवस की तरह !


पूरणमासी सा चमकीला


अमावस सा अंधियारा,


धूमकेतू और तारों सा टिमटिमाता है जीवन,


क्षणभंगुर सा, बुलबुले की तरह


जीवन, एक दिवस की तरह !


बादलों सी गरजन,


बीजली की सी कङ़कन


धुंध सा धुंधला,धनुक का सा सतरंगी


कभी सूखे, कभी पावस की तरह


जीवन, एक दिवस की तरह !

रविवार, फ़रवरी 08, 2009

दोस्तों में ब्लॉग की दुनिया का नया राही हूँ। आप सभी को नमस्कार।